समान नागरिक संहिता लागून करने के सात कदम पूरे, आठवें में प्रदेश बनेगा नंबर वन

Ghughuti Desk
1 Min Read

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए सात कदम पूरे हो चुके हैं। आठवां कदम उठते ही उत्तराखंड देश का पहला राज्य बनेगा, जिसमें अलग-अलग धर्मों के पर्सनल लॉ की जगह एक समान कानून होंगे। जहां हर धर्म की महिलाएं अन्य राज्यों के मुकाबले सबसे सशक्त होगी। लिव-इन-रिलेशनशिप को भी कानून के दायरे में लाया जाएगा।

समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड 2024 अधिनियम के राज्य में क्रियान्वयन के लिए सेवानिवृत्त आई.ए.एस. शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में बनाई गई ‘नियमावली और क्रियान्वयन समिति’ ने शुक्रवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को नियमावली का ड्राफ्ट सौंपा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता अधिनियम की नियमावली आज सौंपी गई है। इस नियमावली में मुख्य रूप से चार भाग है। जिसमें विवाह एवं विवाह-विच्छेद लिव-इन रिलेशनशिप, जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण तथा उत्तराधिकार सम्बन्धी नियमों के पंजीकरण सम्बन्धी प्रक्रियाएं उल्लिखित है। उन्होंने कहा कि जल्द ही मंत्रीमण्डल की बैठक में इस अधिनिनियम को राज्य में प्रभावी रूप से लागू करने के लिए तिथि तय की जायेगी। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जायेगा।

Share This Article
Leave a Comment